Chhattisgarh
खनन माफियाओं से भयभीत या विभागीय संरक्षण…?
पत्थरो के अवैध उत्खनन व परिवहन को बंद कराने में जिला प्रशासन नाकाम..!
बेमेतरा।
जिले के साजा तहसील अंर्तगत ग्राम सहसपुर में खनिज विभाग से नवीनीकरण अनुमति ना मिल पाने से बंद पत्थर खदानो में विगत एक वर्ष से पत्थरो का अवैध उत्खनन व परिवहन कार्य धड़ल्ले से चल रहा है।
विगत वर्ष सहसपुर मे ही हुए जिला स्तरीय कर्मा महोत्सव व सामुहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम के दौरान भी पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिह के आगमन के दौरान उक्त बंद खदानों में अवैध बारूद से ब्लास्टिंग कर पत्थरो के उत्खनन का मामला जोर शोर से उठा था जिसकी शिकायत जिलाधीश कार्यालय से लेकर संचालनालय खनिज साधन विभाग से लेकर मंत्रालय स्तर पर की गई थी। पर सक्षम कार्यवाही के अभाव में आज भी खदानों में खनन चालू है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सहसपुर की पत्थर खदाने शासन के नियमो के तहत खनिज विभाग के द्वारा बंद की जा चुकी हैं । एवं खनिज विभाग की माने तो उन खदानों में पत्थरो को खनन व परिवहन बंद हैं। जबकि वास्तविकता यह हैं कि उक्त बंद पड़ी खदानों में प्रतिदिन अवैध ब्लाटिंग कर पत्थरो का खनन व तोड़ाई का कार्य बेखौफ धड़ल्ले से ‘‘ सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का ’’ की तर्ज पर किया जा रहा हैं। विगत जनवरी माह में पुनः मिडिया के द्वारा सहसपुर के खनन का मामला उठा कर जिलाधीश व जिला खनिज अधिकारी को अवगत कराये जाने के एक माह बाद भी वहाॅ पत्थरों के खनन पर रोक लगाने में जिला प्रशासन नाकाम रहा जिससे चलते अवैध खनन कर्ताओ के हौसले अब इतनें बुलंद हो गये हैं कि वे अब खदानों में आने वाले मिडिया कर्मीयो के भी देख लेने की धमकी देने से भी नही चुक रहे है।
खननकर्ताओ की दबंगई का आलम यह हैं कि विभागीय अधिकारी भी इस मामले पर आखें बंद किये बैंठे है। इस संबंध में जब जिला खनिज अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो वे अपनी पूर्व शैली के अनुसार ना तो मोबाईल उठाया गया, ना ही काॅल बैक कर किसी प्रकार का जवाब दिया गया। शासन के द्वारा अगर पत्थर खदानों में खनन माप कराया जाये तो खदानों में करोड़ो के रायल्टी चोरी का मामला उजागर हो सकता हैं।
*सूत्र KWNS।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सहसपुर की पत्थर खदाने शासन के नियमो के तहत खनिज विभाग के द्वारा बंद की जा चुकी हैं । एवं खनिज विभाग की माने तो उन खदानों में पत्थरो को खनन व परिवहन बंद हैं। जबकि वास्तविकता यह हैं कि उक्त बंद पड़ी खदानों में प्रतिदिन अवैध ब्लाटिंग कर पत्थरो का खनन व तोड़ाई का कार्य बेखौफ धड़ल्ले से ‘‘ सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का ’’ की तर्ज पर किया जा रहा हैं। विगत जनवरी माह में पुनः मिडिया के द्वारा सहसपुर के खनन का मामला उठा कर जिलाधीश व जिला खनिज अधिकारी को अवगत कराये जाने के एक माह बाद भी वहाॅ पत्थरों के खनन पर रोक लगाने में जिला प्रशासन नाकाम रहा जिससे चलते अवैध खनन कर्ताओ के हौसले अब इतनें बुलंद हो गये हैं कि वे अब खदानों में आने वाले मिडिया कर्मीयो के भी देख लेने की धमकी देने से भी नही चुक रहे है।