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नक्सलियों ने मुखबिर बताकर अपने ही कमांडर को उतारा मौत के घाट, जन अदालत लगाकर की हत्या

Chhattisgarh नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर अपने ही कमांडर की हत्या कर दी। घटना छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की है जहां नक्सलियों ने 13 अगस्त को जन अदालत बुलाकर कमांडर कुरसम मनीष उर्फ राजू की हत्या कर दी। दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव गंगा ने जारी बयान में इसका दावा किया है। जानिए क्या थी पूरी घटना।

  1. पुलिस की मुखबिरी करने का लगाया आरोप।
  2. नक्सलियों ने जन अदालत बुलाकर की हत्या।

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने अपने ही कमांडर की हत्या कर दी। उस पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाकर 13 अगस्त को जन अदालत में मौत के घाट उतार दिया गया।

दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव गंगा ने जारी बयान में दावा किया है कि कमांडर कुरसम मनीष उर्फ राजू की जन अदालत लगातार हत्या कर दी गई है। वह पुलिस के खुफिया अफसरों को संगठन की गोपनीय जानकारी देता था, इसलिए उसे सजा दी गई।

एसपी ने दावे को नकारा

मनीष गंगालूर थाना क्षेत्र के सावनार गांव का रहने वाला था और वर्ष 2010 में नक्सल संगठन में भर्ती हुआ था। बाद में उसे दक्षिण बस्तर डिविजन पामेड़ एरिया में मास ऑर्गेनाइजेशन का सहायक कमांडर बनाया गया था।

इसके साथ ही सचिव गंगा ने कहा कि प्रेस इंचार्ज के रूप में काम करने के दौरान उसने संगठन की गोपनीय सूचना पुलिस को दी। वहीं, एसपी जितेंद्र यादव ने इस दावे को असत्य बताते कहा है कि मनीष के बारे में कोई जानकारी नहीं है। नक्सली पत्र मिलने के बाद इस बारे में पता लगाया जा रहा है।

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