Chhattisgarh

इंटक द्वारा आरएचआईपीएल के श्रमिको को नियमित करने के लिए की मांग

चार वर्षों से लगातार श्रमिकों का संयंत्र प्रबंधन द्वारा किया जा रहा शोषण

बलौदाबाजार hct : जिले में स्थापित सीमेंट संयंत्रों व इस्पात, इनफ्रास्ट्रक्चर संयत्रों में लगातार बाहरी आउटसोर्सिंग और स्थानीय लोगों व श्रमिकों की अनदेखी किया जा रहा है जिससे संयत्रों में कामगार का एक बड़ा वर्ग इस अनदेखी व लगातार उनके हितों की अनदेखी को लेकर क्षुब्ध है।

इन मजदूरों के लगातार शोषण के चलते यूनियन ने लामबद्ध होकर अपने हितों के लिए प्रदेश स्तरीय ही नही अपितु शोषणकर्ताओं के विरुद्ध बिगुल फुक दिया है चाहे इसका स्तर राष्ट्रव्यापी क्यों न हो पदाधिकारियों का कहना है कि अपने ही जमीन पर बाहरी लोगों को सही काम व दाम। इस प्रकार का वादाखिलाफी और शोषण कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। संयत्र प्रबंधन या तो श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर उचित निर्णय ले या परिणाम भुगतने को तैयार रहे यह आजाद भारत है तो यंहा के श्रमिक वर्ग गुलामी कैसे बर्दाश्त करंगे।

“हम भले मजदूर है ,लेकिन मजबूर कतई नही”

अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ श्री मजदुर सीमेंट संघ (इंटक) द्वारा रायपुर हैंडलीग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. रिंगनी के श्रमिको को नियमित करने कि मांग की प्रकाश में आया है जिसमे सभी श्रमिक लगातार चार वर्षो से संयंत्र मे कार्यरत है जिसमे संयंत्र के रेलवे साइडिंग है जिसमे लगभग 100 श्रमिक काम कर रहे है जिसमे लोको पायलट ऑपरेटर , पाइंट मेन, ट्रेक मैंन,हॉउस कीपींग,फिटर वेल्डर,इलेक्ट्रेशियन, इंस्ट्रूमेंट ,खलासी,रीगर ,हेल्पर के पद पर कार्य कर रहे है।

इंटक यूनियन अध्यक्ष दिलीप कुमार वर्मा का कहना है कि सभी श्रमिक लगभग चार वर्षो से काम कर रहे है। लेकिन अभी तक श्रमिकों को नियमित नही किया गया है। संयंत्र द्वारा श्रमिको का भरपुर शोषण किया जा रहा है। आर. एच .आई .पी. एल. रेलवे साइडिंग है जिससे सभी श्रमिको को नियमित कर केंद्र शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी मिलना चाहिए जब तक मजदूरों को अधिकार नही मिल जाता संघर्ष जारी रहेगा।

रुपेश वर्मा संवाददाता
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